Wednesday, 15 April 2015

रॉक राज्य का विचार : भाग ४

अल्पमृत्यु नहिं कवनिउ पीरा | सब सुन्दर सब बिरुज सरीरा ||
नहिं दरिद्र कोऊ दुखी न दीना | नहीं कोऊ अबुध न लच्छन हीना ||

साधारण अर्थ : छोटी अवस्था में मृत्यु नहीं  होती, न किसी  को  कोई पीड़ा होती है. सभी के शरीर सुन्दर और निरोग हैं. न कोई दरिद्र हैं न दुखी है और न दीन ही है. न कोई मूर्ख है न कोई शुभ लक्षणों से हीन ही है. अर्थात स्वास्थय और शिक्षा में अद्भुत विकास हुआ है.


विशेष टिपण्णी : जब स्वस्थ जीवन शैली होगी और रोग के उपचार की उचित व्यवस्था होगी तो लोग सामान्यतः अल्पायु नहीं होंगे. राम के राज्य में गरीबी हटाओं का नारा नहीं दिया जाता था, बल्कि सचमुच गरीबी हटा दी गयी थी. इस लिए रामराज्य का अर्थ होता है गरीबी से मुक्त समाज. आज के सन्दर्भ में कहें तो हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई, पारसी, बहाई, बौद्ध-जैन आदि सभी न केवल गरीबी से मुक्त हों बल्कि खुश भी रहें. यह कितना हो पाया है यह सामने लाने के लिए एस.एस.ओ. और सेंसस द्वारा  हर राज्य और पूरे देश के लिए सुख के स्तर का सर्वेक्षण किया जाय और पूरे देश के लिए तथा एक ख़ुशी-सूचकांक या हैपीनेस-इंडेक्स भी विकसित किया जाय ताकि सभी की ख़ुशी बनाए रखने के लिए उचित  प्रयास किये जाएँ. 

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