राम राज कर
सुख संपदा | बरनि न सकइ फनीस सारदा |
साधारण
अर्थ : राम राज्य की
सुख संपत्ति का वर्णन शेषजी और सरस्वती जी भी नहीं कर सकते.
विशेष
टिपण्णी : रामराज्य ने न केवल
गरीबी को हटा दिया था बल्कि समृद्धि ला दी थी. हमें भी सुराज ला कर यही करना
है.
सब उदार सब
पर उपकारी | बिप्र चरन सेवक नर नारी |
एकनारि
ब्रत रत सब झारी | ते मन बाख क्रम पति हितकारी ||
साधारण
अर्थ : सभी नर नारी उदार हैं,
सभी परोपकारी हैं और सभी ब्राह्मणों (तपस्वियों और विद्वानों) के सेवक हैं. सभी पुरुष मात्र एक
पत्नी व्रती हैं. इस प्रकार स्त्रियाँ भी मन वचन और कर्म से पति का हित करने वाली
हैं.
विशेष
टिपण्णी : सभी उदार हैं और सभी
परोपकारी हैं यह भी यही संकेत करता है कि जीवन मूल्यों (वैल्यूज़) की व्यापक शिक्षा
की व्यवस्था की गयी थी और उचित ‘भावना परिष्करण’ (इमोशन कल्चरिंग) भी चल चल रहा
था. लोग सिर्फ क़ानून के कारण नहीं बल्कि स्वयं भी एकपत्नीव्रत थे, और स्त्रियाँ भी
एक ही पुरुष के प्रति मन और भावना से समर्पित थीं. रामराज्य में बहुपत्नीवाद नहीं चलता.
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