Friday, 24 April 2015

देश के आम इंसान के नाम एक चिठ्ठी

आम आदमी के नाम एक चिठ्ठी

प्रिय भाइयो और  बहनो,

आप और हम हर दिन अपनी आँखों से और अखबार तथा टेलिविज़न के माध्यम से अपने राज्य और देश के बुरे हालात का नज़ारा देख रहे हैं. लेकिन क्या आप हम और क्या सिर्फ एक मौन दर्शक बने रहेंगे?
नहीं!  हमें उठ कर खड़ा होना है और दुनिया की महानतम प्राचीन सभ्यताओं में से एक भारत को फिर से खड़ा कर दुनिया का सिरमौर बनाना है. देश में सुराज या सुन्दर राज लाना है, सुशासन लाना है. तभी यह संभव हो पायेगा.

हम मिल जुल कर यह कर सकते हैं.

आप देश में सुराज लाने के इस उद्यम से जुडें. अपने अन्दर के नेतृत्वकर्ता को पहचानें और उसे जगाएँ. भारतीय सुराज दल के तीन घंटों के नेतृत्व-विकास कार्यक्रमों में शरीक  हों और अपने अन्दर के नेतृत्वकर्ता को आत्मविश्वास प्रदान करें, तथा अपने गाँव से ले कर राज्य और देश तक को सुराज की दिशा प्रदान करने के लिए अपने को तैयार करें.  यह कार्यक्रम आपके आत्मविशवास का स्तर हमेशा के लिए बदल देगा, और आपके जीवन में असीमित संभावनाओं के द्वार खोल देगा. दल के दूसरे सेवात्मक, रचनात्मक और संघर्षात्मक कार्यक्रमों में भी जरूर हिस्सा लें.  



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